तू मेरे साथ होता तो बेशकीमती होता


-Sandeep Dahiya  (LT  MHPS)

 

तू मेरे साथ होता तो बेशकीमती होता

मुझसे अलग होकर तूने अपनी कीमत कम लगाई है

 

चन्द कागज़ के टुकड़ो में बेच दी तुने मेरी वफ़ा

मोहब्बत में तिज़ारत की क्या मिसाल बनाई है

 

माना की खतायें हुई होंगी मुझसे भी इश्क़ में बहुत

पर कौनसी रस्मे मोहब्बत है जो तूने निभाई है

 

मैं तो तेरी इबादत कर तुझे खुदा ही बना देता

अच्छा हुआ तूने सही वक़्त पे अपनी औकात दिखाई है

 

कहीं शर्मसार ना हो जाये ये मोहब्बत मेरी

तभी तेरी दगा मेने बस इन लफ़्ज़ों में छुपाई है

 

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ANHAD PRAKASH

dil ko chhu gaye aapke lafj…….!!!

Sandeep

Thank you Anhad…

Deepak Kumar Dubey

wAAH….wAAH….kya khuub likha h- Janaab.

Sandeep

Thank you Deepak