इक रोग


By Rajesh Dhiman (LMB)

इक रोग हमने लगा लिया l

इश्क़े है नाम धरा लिया l

फिर ढूंढा अपने पीर को,

पर अपना आप गवा लिया l

मीरा के जैसी तड़प है,

बुल्ले के जैसे सता लिया l

नैनो को आस फरीद सी,

कौओ को भी समझा लिया l

और चाह ना कोई चाहिए,

उसे चाह लिया तो चाह लिया l

अब नहीं गुज़ारा उस बिना,

उसे इस कदर अपना लिया l

“धीमान राज” तो बे-लिहाज था,

उंगली पकड़ राह पा लिया l

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Good Rajesh

Ravindra Soni

Very nice..

Rajesh Patel

Doing good bro! Nice words
Keep it up.

Vinay

Nice

Ranjeet Chouhan

Very nice brother ..doing great 👍

Bhawneet Singh

Super… God bless you bro ….

Sandip

Dil khush Kar Dita yaara…..superb

Lokesh kumar

Excellent Bhai….superb

Neha

Nice

Vikas Sharma

Classic Bro…

मनीष तिवारी

वाह धीमान साहब पंजाबी के बाद हिंदी और उर्दू शब्दो का इस्तेमाल बेहतरीन है ।। शानदार ।

Neha

Nice lines