ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

By Aanchal Chugh (Sister of Parul Gaur- L&T-MHPS Boilers)

ज़िन्दगी ने मुझे इस कदर ठोकर मारी, मुझे सब कुछ सीखा दिया

ना था जब पास में कोई, तब सब कुछ समझा दिया

मुझे पछतावा तब हुआ, जब मैंने सब कुछ गवां दिया

ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

परमात्मा की देन थी, हँसते हुए परिवार को

किसी की बुरी नज़र ने, एक पल में बिखरा दिया

माता पिता भाई से दूर कर परमात्मा ने, उन्हें अपने पास बुला लिया

मुझे पछतावा तब हुआ जब मैंने सब कुछ गवां दिया

ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

याद आते है वो दिन जब मैं माँ की कोमल गोद में सर रख कर सोती थी

याद आते है वो दिन जब में पिता के, साथ हँसती खेलती थी

पर अब मैं सोचती हूँ कि क्या वो दिन लौटकर वापस नहीं आ सकते

परन्तु अब मैं सोचती हूँ,जब मैंने सब कुछ गवां दिया

ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

माता-पिता की सेवा के अवसर को, परमात्मा ने मुझसे वंचित कर दिया

क्या खता हुई मुझसे जो मुझे इस दुनिया में छोड़ दिया

मुझे पछतावा तब हुआ जब मैंने सब कुछ गवां दिया

ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

माँ की गोद, पिता के दुलार और भाई के प्यार ने

मुझे इस कदर सहला दिया, आँखें मेरी तब खुलीं

जब मैंने सब कुछ गवां दिया

ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

अब तो है मन में यही संकल्प कि दुनिया को कुछ कर दिखाना

माता-पिता का नाम, एक दिन ऊँचा करके है दिखाना

ज़िन्दगी ने मुझे इस कदर ठोकर मारी , मुझे सब कुछ सीखा दिया

रहा ना पास में जब कोई ,तब मुझे सब कुछ सीखा दिया

मुझे पछतावा तब हुआ जब मैंने सब कुछ गवां दिया

ज़िन्दगी ने मुझे सब कुछ सीखा दिया

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