माँ

अर्चित गुप्ता (L&T-Railways)


माँ- तेरा क्या अर्थ लिखूँ

एक शब्द जिसका अर्थ

समझ न आया, क्या लिखूँ |

प्रेम की गागर लिखूँ

या दया का सागर लिखूँ ||


माँतेरा क्या अर्थ लिखूँ

माँतू जननी

पूज्यनीय पवित्र नाम है

तेरे चरणों में चारों धाम है |

मेरी सुबह शुरू होती है तझसे

तेरे चरणों में ढलती शाम है ||


माँतेरा क्या अर्थ लिखूँ

दया ममता की मूरत है

सबसे प्यारी इसकी सूरत है |

कब माँगा इसने धन वैभव

बस इसे प्रेम की जरुरत है ||


माँतेरा क्या अर्थ लिखूँ

हमारे सुन्दर सपनों को साकार करती

देकर ममता कि छाओं पथ के काटों को दूर करती |

माँ होती तो दुनिया वीरान होती

ईशवर की सृष्टि साकार होती ||


माँतेरा क्या अर्थ लिखूँ

परमेश्वर की जननी है माँ

पर परमेश्वर सी दुर्लभ नहीं हो सकती |

माँ की कोईउपमानहीं हो सकती

क्यूंकि माँ कीउप “- “माँनहीं हो सकती ||


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Manu Chaudhary

Very nice..

5/5, Great Archit, go for more. want to here.

Deepak Dubey

Ai Sundar…..