खामोश दिल


By: Aditi Goyal (LT Gulf)

कागज़ कलम से इस दिल का..

रिश्ता कुछ पुराना है,

अक्सर मुश्किल हालातों में..

दिल ने लिया इन्ही का सहारा है.

 

मगर ज़िन्दगी आज हमसे..

कुछ ऐसी बातें कह गयी,

ये कलम भी हमारी..

खामोश सी रह गयी.

दिल ने अपनी..

बात ही कहना छोड़ दिया,

औरों से तोह क्या..

हमसे भी मुह मोड़ लिए.

 

इस रूठे हुए दिल को..

कैसे हम मनाएं,

डर है हमको भी..

ये फिर टूट न जाये!

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