जब तेरी कोख से आऊँगी


By Manisha Singh  (L&T-MHPS)

 

माँ तुम खुश रहना मेरे होने पर, जब तेरी कोख  से आऊँगी

अपनी एक छोटी मुस्कान से, मैं घर का आंगन महकाऊँगी

जो हाथ पकड़ कर तू चलना सिखाए, मैं तेरी लाठी बन जाऊँगी

पर देना तू मुझको हिम्मत के, मैं तेरा नाम कमाऊँगी

नहीं फ़िक्र…..मुझको दुनिया की, अगर मेरे होने पर तुझे फ़क्र हैं

तू अच्छी शिक्षा देना मुझ को, कल्पना चावला बन जाऊँगी

सोच बदल दूंगी दुनिया की, एक ऐसी मिसाल बन जाऊँगी

शस्त्र , शास्त्र  सब देना मुझ को,  मैं  खुद अपनी लाज बचाऊँगी

बस न सिखाना डरना मुझ को, वरना मैं भी निर्भया बन जाऊँगी

तेरी बेटी हूँ …. गर्व हैं मुझको, मेरे होने पर तुझे गर्व हो

कुछ ऐसा काम कर जाऊँगी, बस एक वादा करना मुझसे

माँ तू दिल से खुश हो जाएगी, हाथो में लेकर चूमेंगी मुझको

सीने से मुझे लगायेगी, तेरी परछाई बन जाऊँगी

जब तेरी कोख  से आऊँगी

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