पहली बरसात


By Sumit Singh (L&T-MHPS Boilers)

 

पहली बरसात से याद आया
भीगा हुआ बस्ता
और सीली किताबे,
कीचड़ में सनी मेरी साइकिल
भीगे कपड़े और गीले जूते

पहली बरसात से याद आयी वो,
और पड़ोस की तीसरी छत
तार पर झूलते कई कपड़े
उसकी हड़बड़ाहट
उसकी फुर्ती
उसका मस्ती में मटकना
फिर अधगीले केशो को झटकना

पहली बरसात से याद आता है,
और भी बहुत
गर्म रातों का सर्द हो जाना
मिट्टी से सोंधी खुशबू का आना
झिंगुर की गुनगुन में खो जाना
फिर आंखों का नम हो आना

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